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कृषि अवशेष का सही निष्पादन करने के उपाय बताए


बिजनौर (संजय सक्सेना) 'सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन एवं इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ कॉरपोरेशन प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन" के अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर के निरीक्षण एवं किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग जनपद बिजनौर द्वारा कोटद्वार रोड पर  नजीबाबाद के एक वेंकट हॉल में किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में अश्वनी कुमार संयुक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली ने किसानों को कृषि अवशेष का सही निष्पादन करने के उपाय बताए तथा कृषि अवशेषों को जलाए जाने पर रोक लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष जलाने से हमारे खेतों के उपयोगी मित्र कीटों की मृत्यु हो जाती है, वायुमंडल में दूषित हवा फैलती है जिससे जनमानस को भारी दिक्कत का सामना पड़ता है. उन्होंने किसानों से कृषि अवशेष का सही उपयोग करने का आह्वान किया. जिलाधिकारी रमाकांत पांडे ने कहा कि जनपद बिजनौर में कृषि अवशेष जलाए जाने की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है. यहां के किसान जागरूक हैं. कृषि अवशेषों के जलाने से समाज के प्रत्येक वर्ग को नुकसान होता है. भारत सरकार विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्र छूट पर कृषकों को उपलब्ध करा रही है, जिनका उपयोग करके किसान कृषि अवशेषों को भूमि में मिलाकर उसका सदुपयोग कर सकते हैं. अध्यक्षता कर रहे उप निदेशक कृषि जेपी चौधरी ने भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की 2022 तक आय दोगुनी करने हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को विस्तार से बताया. उन्होंने कृषि विभाग के सभी अधिकारियों कर्मचारियों से किसानों को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए और अधिक प्रयास करने की अपील की. सभा का संचालन योगेंद्र पाल सिंह योगी ने किया. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र सिंह, के के सिंह, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा, उप जिलाधिकारी नजीबाबाद सुश्री संगीता, सदस्य जिला पंचायत जसवीर सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, राम किशन सिंह, एडीओ कृषि विक्रम सिंह, रतिराम सिंह, कुलदीप कुमार तथा भारत सरकार के किसान कल्याण प्रशिक्षक आर्यव्रत कुमार, एसएमएस मुकेश पाराशर ,सचिन कुमार, नीरज कुमार, आदि बड़ी संख्या में किसान भाइयों ने भाग लिया.

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