Recent comments

Latest News

श्री राम पर निर्णय ......….... देवेश प्रताप सिंह राठौर (वरिष्ठ पत्रकार)

रामलला पर सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दियानिर्णय बहुत ही सराहनीय रहा हर धर्म को बांधने का काम किया है, सैकड़ों बरसों से ये विवाद चला आ रहा था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को एक ऐतिहासिक पल के साथ जो निर्णय दिया वह रामलला की जीत है। कैसा इस देश का दुर्भाग्य रहा वह रामचंद्र जिनमें और शक्तियां होती थी जिन्हें हम भगवान के रूप में पूजते हैं वही हमारे राम भगवान कैंट में पड़े अपने जन्म को उन्हें दर्जा प्राप्त नहीं हो पा रहा था। इंसान ऐसा धर्म जात में अंधा हो गया है कि वह किसी की भावनाओं के साथ खेलना और किसी के धर्म के साथ छेड़छाड़ करना आदत बन गई है। आज 9 नवंबर 2019 एक वह पल रहा है जिसने एक अरब 25 करोड़ लोगों को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। 5 बेंच की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बड़ी सूझबूझ के साथ अच्छा निर्णय दिया हम उनके निर्णय को पूरा देश स्वागत करता है। सभी देशवासियों को इस निर्णय पर दोनों समुदाय के लोगों को गले मिलकर निर्णय को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि यह भारत अपना है इस भारत में दिक्कत होगी तो विदेशी एवं पड़ोसी देश हमारे इसी घात में बैठे हैं कि भारत परेशान हो, पर इस देश का हर इंसान समझदार है अब किसी के बहकावे पर आने वाला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन से प्रतिदिन राम मंदिर की सुनवाई चलती रही और वह आज दिनांक आ ही गई जाओ एक ऐतिहासिक फैसला उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय रंजन गोगोई की अध्यक्षता में यह फैसला सुनाया गया। इसमें निर्मोही अखाड़ा की याचिका खारिज कर दी, तथा सिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी गई,। जो भी फैसला हुआ है बेहद महत्वपूर्ण समाज और देश और लोगों की भावनाओं को देखते हुए और न्याय एवं पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षणों के आधार पर जोड़ निर्णय लिया गया वह निर्णय काफी अच्छा रहा है। वैसे सरकार अभी कानून व्यवस्था में ढिलाई ना करें क्योंकि आज की स्थित से कानून व्यवस्था पूरी चकाचौंध है, कुछ अराजक तत्व जिनकी सोच हमेशा गंदी रहती है वह आगे चलकर कोई घटना दुर्घटना करने की सोच सकते हैं इसलिए कानून व्यवस्था शुद्रड एवं सख्त होनी चाहिए, क्योंकि इतनी संख्या में बहुत सी गंदी सोच के लोग हैं जो कुछ भी करने में उनको तनिक भी संकोच नहीं होता क्योंकि उनकी दुकान है इसी में चलती हैं। हम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जिन्होंने मर्यादित होकर पूरे विश्व में देश में एक मिसाल कायम की थी, जो ईश्वर थे जिनके भक्त हनुमान जैसे भगवान महाबली हो ओए क्या नहीं कर सकते हैं, जब सीता माता का हरण रावण ने किया वह काफी विचलित हुए होंगे परंतु उन्होंने मर्यादित होकर धर्म निभाते हुए एक साधारण रूप से लड़ाई की हो जाते तो कुछ क्षण में रावण का अंत कर सकते थे। परंतु मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी ने सिस्टम से मर्यादित होकर पूर्व से रावण को समझाने का प्रयास किया परंतु जब रावण नहीं माना तो उसकी अंत का कारण बना। हम आज के फैसले पर देशवासियों से सभी से यह निवेदन करना चाहेंगे हम सब इस देश के वासी हैं भाई की तरा मिलकर साथ रहना है।भड़काने वाले बहुत होंगे लेकिन मिलाने वाले कुछ अच्छे होते हैं हमें सबको मिलाकर चलना है, और सुप्रीम कोर्ट के न्याय को जो सभी धर्म जात के लोग कहते थे कि जो सुप्रीम कोर्ट का डिसीजन आएगा हम उसे स्वीकार करेंगे, आज वही वक्त आया है न्याय का सभी को मिलजुल कर रहना है कि अपने किए वादे को निभाते हुए इस देश को मजबूत बनाना है।

Devesh Singh journalist

No comments