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माटी के बर्तन में पका खाना पौष्टिक, स्वादिष्ट, स्वास्थ वर्धक: धर्मवीर

बिजनौर, संजय सक्सेना - अध्यक्ष, माटीकला बोर्ड उत्तर प्रदेश, धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि माटी के बर्तनों का प्रयोग करने से जटिल प्रकार की बीमारियों का प्राकृतिक रुप से निदान होना संभव है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा माटी कला उद्योग की स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि लोग माटी के बर्तनों का प्रयोग करें और स्वस्थ रहें। मिट्टी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन सहित अनेक पौष्टिक और स्वास्थ्य वर्धक तत्व पाए जाते हैं, जिसका शरीर पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है। प्रेशर कुकर में खाना बनाने से उसके पौष्टिक तत्व न केवल नष्ट हो जाते हैं बल्कि शरीर के लिए हानिकारक रसायन भी उसमें शामिल हो जाते हैं। इसके विपरीत माटी के बर्तन में बनाए जाने वाला खाना अति पौष्टिक, स्वादिष्ट और स्वास्थ वर्धक होता है।
अध्यक्ष माटी कला बोर्ड धर्मवीर प्रजापति सोमवार अपराहन 11.00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित माटी कला से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों व माटी कला से जुडे़ कामगारों के साथ बैठक करते हुए प्रजापति ने कहा कि प्रदेश सरकार माटी कला को आगे बढ़ाने को लेकर गंभीर है, जिसको व्यवहारिक रूप प्रदान करने के लिए प्रदेश में माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। इसी के साथ माटी कला से संबंधित परिवारों एवं उससे रोजगार प्राप्त करने वाले परिवारों की संख्या की तहसीलवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी शासन द्वारा दिए गए हैं। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लेखपालों द्वारा एक सप्ताह में माटीकला से संबंधित परिवारों के चिह्नीकरण का कार्य पूर्ण कर उसकी आख्या शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी सरकारी विभागों में आयोजित बैठकों आदि में प्लास्टिक सामग्री के स्थान पर पेयजल के लिए मिट्टी के ग्लास व चाय के लिए कुल्हड़ का प्रयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिट्टी में 26 पोषक तत्व मौजूद होते हैं, अगर हम मिट्टी से बने बर्तनों का प्रयोग करेंगे तो हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। संपूर्ण समाधान दिवस पर मिट्टी के बर्तनों के प्रयोगार्थ जागरूकता के लिए स्टाल लगा कर आम तौर पर प्रयोग होने वाले कप, ग्लास, जग, कूकर, तवा, कढ़ाई, फूलदान आदि का प्रदर्शन करने तथा विक्रय करने की समुचित व्यवस्था की जाए तथा जिले में स्थाई रूप से मिट्टी के बर्तन की दुकान का प्रबंध कराऐं, ताकि आमजन वहां से इन्हें खरीद सके। उन्होेंने बताया कि प्रदेश में माटी कला का कार्य करने वाले लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
आवंटित पट्टों से अवैध कब्जा हटाएं
उन्होंने सभी उप जिला अधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देश दिए कि माटी कला से संबंधित परिवारों की तहसीलवार गणना कराना सुनिश्चित करें और माटी कला उद्योग के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवंटित पट्टों पर अवैध कब्जा हटाए जाने की कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 शासन माटी कला उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत गंभीर है और उसके लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन से अपेक्षा करते हुए कहा कि माटीकला उद्योग से संबंधित परिवारों को आयुष्मान भारत तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जिले में माटी कला उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए एक समिति का गठन किया जाए ताकि समिति के माध्यम से शासकीय योजनाओं का भरपूर लाभ प्रजापति समाज को प्राप्त हो सके। 
डीएम ने दिया आश्वासन
इस अवसर पर जिलाधिकारी रामाकांत पांडेय ने अध्यक्ष को आशवस्त करते हुए कहा कि जिले में शासन के निर्देशों के अनुपालन में शीघ्र ही समिति का गठन कर लिया जाएगा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि माटीकला उद्योग के लिए आवंटित पट्टों  पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं पाया जाना चाहिए और यदि किसी स्थान पर अवैध कब्जे का मामला प्रकाश में आता है तो तत्काल पट्टे पर से कब्जा हटाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विजय कुमार यादव, जिला माटीकल उद्योग/जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अजय अग्रवाल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तथा प्रजापति समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे।

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