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कैब, एनआरसी, बहाना विपक्ष का



 देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार) 

 विपक्ष अपनी उजड़ी राजनीत को चमकाना का एक बहुत बड़ा मुद्दा उन्हें कैब और एनआरसी का रूप में मिल गया है, जिससे उनको लगता है कि हमारे जो पार्टी का अस्तित्व धीरे-धीरे मिटता जा रहा है शायद यह वापस की उम्मीद किए हैं, इस देश की जनता को जिस तरह अंग्रेजों ने मूर्ख बनाया था और राज्य करके चले गए उसी तरह आज विपक्ष वाले देश को एनआरसी और कैब के रूप में मूर्ख बना रहे हैं , जबकि एनआरसी और कैप मैं ऐसा कुछ नहीं है कि देश के अंदर रहने वाला कोई व्यक्ति बाहर नहीं जा रहा है ना जाएगा परंतु विपक्ष की राजनीति जैसे असादुद्दीन ओवैसी जिस तरह से तेलंगना में हैदराबाद से सांसद हैं जिस तरह से वह ग़दर काटे हुए हैं और बहुत से नेता हैं देश के जो कैब और एनआरसी के बारे में जानते हुए भी आम जनता को मूर्ख बना रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि भारत की जनता मूर्ख बहुत आसानी से बन जाती है इसीलिए अंग्रेज देश में शासन करते आए हैं सरकार एक बात पर ध्यान देना  चाहिए, सरकार को जो देश के गद्दार हैं देश विरोधी नारे लगाते हैं उन्हें पाकिस्तान की राह दिखाने की जरूरत है उनको सख्त कानून के दायरे में रखकर उन्हें सजा दिलाने की जरूरत है भारत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों से लिप्त जो छात्र जेएनयू में आज जो कर रहे हैं पूर्वी में भीकरते आए हैं लेकिन तब विपक्ष की सरकारें थी तो देश के सामने नहीं आता था।मुझे नहीं लगता है यह छात्र है यह पाकिस्तान के एजेंट के तौर पर देश में मौजूद है जो कॉलेजों में शिक्षा के नाम सेअपना गैंग तैयार कर रहे हैं ।ऐसे लोगों पर सरकार सख्त कानून बनाए और उन्हें जेल में आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक  देने का प्रावधान हो क्योंकि देश विरोधी गतिविधियां छोटी सी बात नहीं है जो व्यक्ति देश का नहीं होगा वह फिर किसका होगा जिस देश में जन्म लियाऔर मोहम्मद जिन्ना के जिंदाबाद के नारे लगाते हैं और यह भारत के लोग ऐसे लोगों को और सरकार ऐसे लोगों को देख रही है। भारत ने उसे सब कुछ दिया है उसी देश के साथ गद्दारी कर रहा है भारत जैसा देश विश्व में कहीं नहीं है जहां पर हर धर्म जाति के लोगों को सम्मान मिलता है जो लोग इस तरह की बात करते हैं जरा सीरिया, इराक, पाकिस्तान, अफगानिस्तान मैं चार दिन रह कर आओ तब भारत की याद आएगी उसे भारत की अहमियत का अंदाजा होगा ।जेएनयू हिंसा में शामिल नकाबपोश लड़की की दिल्ली पुलिस ने पहचान कर ली है। छात्रा दौलत राम कॉलेज की है। 5 जनवरी को जेएनयू के पेरियर हॉस्टल में तोड़फोड़ हुई थी। लड़की एक वीडियो में जेएनयू में हिंसा करती हुई दिखाई दी थी। 
दिल्ली पुलिस की एसआईटी टीम ने नकाबपोश लड़की की पहचान की है। पुलिस के मुताबिक, जेएनयू हिंसा में वायरल हुए वीडियो में इस लड़की को देखा गया था, लड़की दिल्लीविश्वविद्यालय की छात्रा है। जल्द ही उसे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया जाएगा।दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों को दिल्ली पुलिस ने नोटिस दिया है, उनसे जवाहरलाल नेहरूविश्वविद्यालय ,जेएनयू में पूछताछ की जाएगी। नौ लोगों को आज से जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।वीडियो बनाने पर की थी दो प्रोफेसरों की पिटाईआपको बता दें कि जेएनयू हिंसा की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा के दौरान दो प्रोफेसरों की इसलिए पिटाई की गई थी कि वे बवाल का वीडियो बना रहे थे। अब ये प्रोफेसर इस कदर डरे हुए हैं कि कुछ भी नहीं बोलरहेहैंएसआईटी की पूछताछ में इन प्रोफेसरों ने केवल इतना माना है कि ये लोग कैंपस से बाहर के थे। इससे आगे वे कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेएनयू हिंसा के समय पेरियर हॉस्टल के पास एक प्रोफेसर साइकलिंग कर रहे थे। उन्होंने कुछ नकाबपोशों को हंगामा करते देखा तो अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। नकाबपोशों ने प्रोफेसर को वीडियो बनाते हुए देख लिया था। वे प्रोफेसर के पास गए और उनको घेर लिया। आरोपियों ने प्रोफेसर से उनका मोबाइल छीन लिया और हंगामे के बनाए गए वीडियो को डिलीट कर दिया। 
आरोप है कि नकाबपोशों ने प्रोफेसर के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की भी की। ऐसे ही एक और प्रोफेसर के साथ नकाबपोशों ने हाथापाई व धक्का-मुक्की की। उनका मानना है कि नकाबपोश जेएनयू के छात्र होते तो उनसे मारपीट नहीं करते।दूसरी तरफ,मोबाइल फोन की डिटेल मांगी है। इनमें से ज्यादातर फोन ऐसे हैं, पुलिस ने इन ग्रुप से जुड़े मोबाइल नंबरों की भी डिटेल मांगी है।
 आइशी घोष से आज पूछताछ कर सकती है दिल्ली पुलिस
जेएनयू हिंसा मामले में छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष और पदाधिकारियों से सोमवार को पूछताछ हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने नोटिस देकर आइशी को पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने के लिए कहा है। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर वे हॉस्टल में उपलब्ध होंगी तो महिला पुलिस अफसर उनसे वहां पूछताछ कर सकती है। दूसरी तरफ, एसआईटी ने कैंपस हिंसा में शामिल सात अन्य लोगों की पहचान की गई। इनमें तीन प्रोफेसर, चार सिक्योरिटी गार्ड व तीन घायल शामिल हैं। ये सभी हिंसा के पीड़ित हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी किसी भी आरोपी से पूछताछ नहीं हुई है। एसआईटी सोमवार से आरोपियों से पूछताछ शुरू करेगी। नागरिकता संशोधन बिल पर जिस तरह से भारत देश में पश्चिम बंगाल से लेकर केरल, दिल्ली , तेलंगना,और बहुत से राज्यों में जिस तरह से नागरिकता संशोधन बिल पर क्षेत्रीय नेता गलत बयान बाजी करते हुए जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं ।जबकि नागरिकता संशोधन बिल भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक के साथ छेड़छाड़ करना काम नहीं कर रही है और ना ही कोई इस बिल के कारण देश से बाहर जा रहा है फिर भी लोगों के द्वारा गलत बयानबाजी की जा रही है केरल के राज्यपाल माननीय आरिफ मोहम्मद खान ने स्पष्ट रूप से जो आप की अदालत में बताया उससे जनता को स्पष्ट तौर पर समझ लेना चाहिए कि जो लोग नागरिकता संशोधन बिल पर तिल का ताड़ बनाए हुए हैं वह सिर्फ अपने राजनीतिक लाभ के कारण जनता को मूर्ख बना रहे हैं परंतु इस देश की जनता हमेशा नेताओं के मूर्ख बनाने की मैं आती रहती है। जिस तरह जेएनयू में फिल्मी कलाकार दीपिका पादुकोण गई और छपाक फिल्में अभी उनकी रिलीज हुई है भारत सरकार से चाहता हूं किसको रोक लगनी चाहिए छपाक फिल्म में जो कहानी जिस व्यक्ति ने तेजाब डाला उसका नाम हिंदू रखा गया जबकि मुसलमान व्यक्ति ने तेजाब डाला था ऐसा क्यों छपाक फिल्म के डायरेक्टर ने किया क्योंकि कहानी थी तो कहानी में नाम हिंदू क्यों रखा गया जब कहानी सेम दिखाई जा रही है तो उसी आधार पर पूरी पिक्चर को दर्शाने का कार डायरेक्टर को करना चाहिए था और जिस तरह से दीपिका पादुकोण के भाव नजर आ रहे हैं वह बादल की एजेंट के तौर पर वहां पर जेएनयू में जाकर अपनी वाह वाही लूटने के लिए जो जेएनयू में जाकर एक गलत संदेश देश को देने का काम किया देश में बहुत सी जगह न्याय राज्य में होते रहते हैं जैसे पश्चिम बंगाल है केरल है अभी राजस्थान में सैकड़ों बच्चे मर गए हैं वहां उन्होंने सहानुभूति के तौर पर लोगों से जाकर मिलने की जरूरत नहीं समझी की जेएनयू में गुंडागर्दी का कॉलेज बन गयाहै जिसे सरकार को चाहिए कुछ वर्षों के लिए बंद कर दें, आज पूरा देश जेएनयू को इस तरह देखता हैजहां पर देश की राजनीति पूरी टिकी है तथा देश की निगाहें भी क्योंकि वह दिल्ली में स्थापित है इसलिए वहां जाने से यश वैभव प्राप्त करने की सोच के साथ दीपिका पादुकोण गई जिससे उन्हें कांग्रेश के आने वाले समय में कांग्रेश उनका अपनी पार्टी में लेने में कतई कोताही नहीं करेगी क्योंकि उन्हें देश में न्याय नहीं दिखाई दिया पश्चिम बंगाल में 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले किस तरह के ममता बनर्जी ने वहां पर लोगों पर अत्याचार किए थे ममता सरकार के द्वारा जिस तरह सीबीआई जांच करने चिटफंड कंपनी शारदा के गुनाहगारों को पकड़ने के लिए उनसे पूछताछ के लिए सीबीआई ने जिस तरह कोलकाता गई और ममता सरकार ने सीबीआई को बंधक बनाया बहुत सी चीजें ऐसी हैं जो सरकार ने के सरकार के विरोध में किया गया वहां पर ममता बनर्जी के काले कारनामों को दीपिका पादुकोण को नहीं दिखाई दिया आज देश जानना चाहता है कि राजनीति सिर्फ स्वार्थ के लिए होती है देश में भावना दुख दर्द भी बटे हुए होते है। आज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जिस तरह अच्छे कार्यों के साथ प्रदेश की प्रगति पथ पर आगे ले जाने का कार्य कर रही है और लोगों को विपक्षी दलों को हजम नहीं हो रहा है क्योंकि प्रदेश में गुंडाराज आज समाप्त हो चुका है, पुलिस से लेकर सभी विभाग बहुत ही अच्छी तरीके से कार्य कर रहे हैं लोगों को मदद और न्याय मिलने का कार्य उत्तर प्रदेश में आज हो रहा है जो स्पष्ट तौर पर सफलता का प्रतीक है। आज भारत विश्व में एक शक्ति के रूप में देखा जाता है परंतु यह देश के अंदर बैठे लोग जिन्होंने अभी तक शिव गंदी राजनीति की है देश के वर्चस्व अच्छे के लिए सोच कम रखी है।

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